आँसुओं में मुझे डुबोते हुएवो गया है नयन भिगोते हुएतू मुझे क्या ख़ुशी दे सकती है अबयाद करता हूँ तुझ को रोते हुएमेरे बिस्तर पे इतनी सिलवटें हैंनींद आती कहाँ है सोते हुएज़िंदगी अब तू बोझ बन गई हैमर न जाऊँ मैं तुझ को ढोते हुएSubhash Ehsaas