जो तन्हा छोड़ दें अपने तो यूं हैरान मत होना बदल जाती हैं तस्वीरें यहां मौसम बदलते ही ये आंखें देखती रहती हैं अक्सर उन परिंदों को कभी जो लौट आते थे शजर पे शाम ढलते हीAnwar gafil