Asad Khan Lakhimpuri (Barwar)

क्या कहें कैसे बताएं कैसे ढूंढा आपको
हर गली हर रास्ते का देंगे नक़्शा आपको

कौन बनता है तुम्हारी हसरतों का आईना
तुमको औरों की तमन्ना हमने चाहा आपको

शम्म -ए-दिल से फ़िर किया रोशन अंधेरी रात को
रास्तों से जब भटकते हमने देखा आपको

कौन हैं हम हैं कहां ख़ुद से बे- ख़ुद हर घड़ी
ख़्वाब की मदहोशियों में जब से देखा आपको

एक आहट सी सुनोगे हर क़दम हर मोड़ पर
हम न होने देंगे असद अब तन्हा आपको
Asad Khan Lakhimpuri (Barwar)