Shravan Kumar

काल कभी यूँ
क्रुद्ध न होगा

भाव शुद्ध हो
युद्ध न होगा

अगर युद्ध में
उलझ गए,

सिद्धार्थ तुम्हारा
बुद्ध न होगा।
Shravan Kumar