सरस्वती वंदना

श्वेत वसन, खुशियों का सदन, ये बड़ी निराली है!
हर वैभव की चाबी तो बस वीणावाली है!!

ज्ञान जगत में उत्तम धन है ये सबने माना.
ज्ञान बिना हीरा पत्थर है किसने पहचाना.
ज्ञान बिना अपना जीवन फिर बिल्कुल खाली है !
हर वैभव की...... श्वेत बसन.........

ज्ञान बिना कितना भी धन होता कब पूरा है.
ज्ञान बिना इंसान तो क्या हर जीव "अधूरा" है.
ज्ञान बिना "आदर्श" कोई ज्यों मुद्रा जाली है.
हर वैभव की...... श्वेत बसन...

तेरी कृपा का मुझको मैया एक सहारा है.
इस रसना पर बसना माँ तेरा नाम पुकारा है.
तेरे सहारे, तेरे द्वारे ये खङा सवाली है!
हर वैभव की..... श्वेत बसन....
Adarsh Kumar Dwivedi