कुंडलियां छंद

ईर्ष्या नफ़रत द्वेष में, धधक रहा है देश।
जाति धरम की आग ने बदल दिया परिवेश।
बदल दिया परिवेश,देश अब डूब रहा है,
मार,काट,हत्या,बलात,से ऊब रहा है।
कह बजरंगी लाल,अब सबसे ए सन्देश,
जाति धरम औ त्याग दो ईर्ष्या नफ़रत द्वेष।।
Bajrangi Lal