मंज़िलों की चाह गर है, पाओगे मंज़िल ज़रूरहौसलों के पंख गर हैं, सूर्य कितना दूर हैलीना 'सत्यम'
Manzilon ki chaah gar hai, paoge manzil zaroorHauslon ke pankh gar hain, Sury kitna door haiलीना 'सत्यम'