किसी को हाल इस दिल का ,सुनाते भी नहीं बनतानयन के अश्रु को लेकिन ,छुपाते भी नहीं बनताउसे नदिया समझने की ,ज़रा भी भूल मत करनाजिसे प्यासे पथिक को जल ,पिलाते भी नहीं बनताArchana Dwivedi