हसीं ओ खूबरू चाहत के पैकर टूट जाते हैं दिलों में रंजिशें होती हैं तो घर टूट जाते हैं ना ए नादान दिल तू ख़्वाब दिखला उन की चाहत के ख़बर तुझ को नहीं क्या ख़्वाब अक्सर टूट जाते हैंFaisal Qadri Gunnauri