चलो रे साधो

चलो रे साधो चलो रे साधो
चलो रे साधो साथ चलो।।

बात करो वो पूरी जिसको आधी छोड़ गए हैं सब
नैतिकता के कोमल मानक कैसे तोड़ गए हैं सब
अब जो न प्रश्नों को पूछा जाएगा आवाज़ मुखर कर
मौन रहेगा जर्रा जर्रा टूटेगा विश्वास बिखर कर
करो रे साधो करो रे साधो
करो रे सीधी बात करो।।

उन लोगों तक जाना होगा जिन तक कोई नहीं गया
उनको सब समझाना होगा जिनका कोई नहीं भया
उनकी आवाजों मे अपनी आवजो का जोश का भरो,
दबे रहे तो मिट जाओगे इसका थोड़ा होश करो
बनो रे साधो बनो रे साधो
एक मुखर आवाज बनो।।

संख्या में तुम बहुत बड़े हो वो तुमको पहचान रहे
एक रहे तो सब बदलेगा बस इतना ही भान रहे
हाथों में ले हाथ सहारे बनके तुम बढ़ते जाना
न्याय की खातिर साथ खड़ें हो यही सोच लड़ते जाना
चलो रे साधो चलो रे साधो
हाथ पकड़ कर हाथ चलो।।

चलो रे साधो चलो रे साधो
चलो रे साधो साथ चलो।।
Shekhar Paakhi