देवेश त्रिपाठी

उनकी आँखों से बात करनी है
गीली रातों से बात करनी है

दोनों हाथों में सज गइ मेंहदी
अब तो हाथों से बात करनी है

सौ से आगे का हाल ना जानू
तुमको लाखों में बात करनी है

इतने अरसे पे मिल रहा हूं मैं
तुमको बातों पे बात करनी है

मुझसे कहते हो गुनगुनाना है
मुझको रागों पे बात करनी है
देवेश त्रिपाठी