सीने में बसी है तेरी तस्वीर अभीबाक़ी है तिरे इश्क़ की तासीर अभीफ़ैसल यूं गिरफ़्तार ए मोहब्बत हुआ मैंपांओं में पड़ी है मिरे ज़ंजीर अभीFaisal Qadri Gunnauri