मुस्क़ुराती खिलखिलाती ज़िंदगानी चाहिए,
प्रेरणादायक हो जो ऐसी कहानी चाहिए
जागती आँखों में अब तो नींद आनी चाहिए
मोज़िजा़ होना कोई अब शादमानी चाहिए
आप ज़िंदा है अगर तो लाश बनकर मत रहो
आप को भी अपनी ताकत आज़मानी चाहिए
मुद्दतों से तीरगी तेरी हुकूमत चल रही
मुद्दतें गुज़री तुझे अब अक़्ल आनी चाहिए
काम जब ईमान ही से चल रहा है तो हुज़ूर
आपको फिर किसलिए ये बेइमानी चाहिए
हर ग़ज़लगो को विमल जी आप से उम्मीद है
आप से तो शायरी में हक़ बयानी चाहिए
Vimal kumar vimal