Aatish Indori

मैं अगर तेरी कहानी से चला जाऊँगा
ज़िंदगानी की रवानी से चला जाऊँगा

ज़िंदगी तुझको रखूँगा मैं निगहबानी में
सोचना मत कि कहानी से चला जाऊँगा

कोई आशिक़ है समझता कोई मजनू मुझको
छोड़ी बस्ती तो म'आनी से चला जाऊँगा

इतना तो तय है कि हैरान करूँगा सबको
मैं अचानक ही कहानी से चला जाऊँगा

खेल शतरंज का इस मोड़ पे ले आया है
चाल चलता हूँ तो रानी से चला जाऊँगा
Aatish Indori