Waseem Siddharthnagari

ये जंग कोई खेल तमाशा नहीं है दोस्त
ये शाम है वो जिसका सवेरा नहीं है दोस्त

दोनों ही सम्त अपने ही लोगों के हैं मकॉं
दोनों ही सम्त जिसके उजाला नहीं है दोस्त

ये दौर है निफ़ाक़ का पर मैंने अब तलक
चेहरे पे कोई चेहरा लगाया नहीं है दोस्त

इक बात तुझसे आज चलो कह ही देता हूं
तुझसा फलक में कोई सितारा नहीं है दोस्त

खुद की लड़ाई खुद ही तुम्हें लड़नी है वसीम
कोई यहां किसी का सहारा नहीं है दोस्त
Waseem Siddharthnagari

Waseem Siddharthnagari | We The Sukhanwar