देश में हो हरियाली बनी रहे खुशहाली
जन-जन में सदैव एकता बनी रहे
संविधान हो प्रधान सब गाए राष्ट्रगान
ऊँच-नीच हो न और सौम्यता बनी रहे
शुद्ध रहे संस्कार बढ़ता रहे व्यापार
राष्ट्र को बचाने वाली सभ्यता बनी रहे
नारियों का मान रहे बढ़ता विज्ञान रहे
भारतीय समाज की ये भव्यता बनी रहे
देवेश त्रिपाठी