Suraj Kumar Mayank

सभी से खुलने की आदत बुरी है
यहाँ हर शख़्स की फ़ितरत बुरी है

बहुत से फल शजर को तोड़ देंगे
ज़ियादा हद से भी नेमत बुरी है

बुरा को भी बुरा कहते नहीं हैं
भले लोगों की भी सोहबत बुरी है

नशे में दी ज़माने भर को गाली
नहीं बोला के वो औरत बुरी है

किसी के हैं भी गर हालात अच्छे
अगर पूछोगे तो हालत बुरी है

असल में थी बुरी दुनियाँ ही 'सूरज'
कहा दुनियाँ ने कि उल्फ़त बुरी है
Suraj Kumar Mayank

Suraj Kumar Mayank | We The Sukhanwar