Faisal Qadri Gunnauri

ग़ैरों ने किए हैं जो करम याद करेंगे
रह रह के फिर अपनों के सितम याद करेंगे

जो इश्क़ में खाई थी क़सम याद करेंगे
तुम भूल भी जाओगे तो हम याद करेंगे

हर लम्हा सताएँगी हमें आपकी यादें
हम आपको हर लम्हा सनम याद करेंगे

दिल काँप सा जाएगा, नमी आँखों में होगी
जब आपके बख़्शे हुए ग़म याद करेंगे

इस तरह से कह जाएँगे हम शेर ग़ज़ल के
ता हश्र हमें अहल-ए-क़लम याद करेंगे

फ़ैसल न भुला पाएँगे ता-उम्र उन्हें हम
लेकिन वो बिछड़ कर हमें कम याद करेंगे
Faisal Qadri Gunnauri

Faisal Qadri Gunnauri | We The Sukhanwar