मात पिता की सेवा कर लूं इतना काम ही काफ़ी हैक्यों जाऊँ मैं गया बनारस अवध धाम ही काफ़ी हैपूजा व्रत ये त्याग तपस्या ये जीवन के मार्ग कठिनभव सागर से तर जाने को राम नाम ही काफ़ी हैArchana Dwivedi