ऐ यार तेरा साथ निभाने का शुक्रिया
ज़ेर-ए-ज़मीन मुझको सुलाने का शुक्रिया
तूने दिया फ़रेब मेरी आँखें खुल गईं
ग़फ़लत में सो रहा था जगाने का शुक्रिया
जो ठोकरें मिली तो सँभलना सिखा गईं
पत्थर! हमारी राह में आने का शुक्रिया
ऐ नाख़ुदा करम कि सिखाया है तैरना
मँझधार में यूँ मुझको डुबाने का शुक्रिया
दिल का ग़ुबार साफ़ है आँखें भी नम नहीं
जी भर के तेरा मुझको रुलाने का शुक्रिया
दुनिया से नेकियों का सिला भी बदी मिला
दे दी है ख़ूब सीख, ज़माने का शुक्रिया
दिल ने 'अनीस' तुझको किया याद है बहुत
मेरे ख़याल-ओ-ख़्वाब में आने का शुक्रिया
Anis shah anis