आँखों पर पलकों का पहरा डर लगता हैटूट न जाए स्वप्न सुनहरा डर लगता हैजबसे तुमने बीच राह में छोड़ा मधुरिमदूर-दूर तक दिखता सहरा डर लगता हैVishal Samarpit