डॉ• सचिन चौधरी 'शाश्वत'

दुनिया को बताते रहे मझधार पिताजी
मझधार में बन कर रहे पतवार पिताजी

चूल्हा न पड़े ठण्डा कभी इसलिए अक्सर
हँसकर गए हैं काम पर बीमार पिताजी
डॉ• सचिन चौधरी 'शाश्वत'