देवेश त्रिपाठी

आज सारे कथन दीप से हो गए
और धरती गगन दीप से हो गए
जब लखन पर पड़े उर्मिला के नयन
उर्मिला के नयन दीप से हो गए
देवेश त्रिपाठी

देवेश त्रिपाठी | We The Sukhanwar