जिसमें पूछ के भीतर जाना पड़ता हैऐसा दरवाज़ा ठुकराना पड़ता हैअपनी शर्तों पे जीना आसान नहींरोज़ नया नुकसान उठाना पड़ता हैडॉ• सचिन चौधरी 'शाश्वत'