Mohit Subran (मोहित सुब्रन)

हिन्दू-मुस्लिम शोर से, हिन्दू-मुस्लिम बोर
सो अब प्यारे सहाफ़ियो, बंद करो ये शोर
Mohit Subran (मोहित सुब्रन)