Mohit Subran (मोहित सुब्रन)

उठता है उस ओर से, नफ़रत भर के अब्र
जाने किसपे ढाएगा, आज भला ये जब्र
Mohit Subran (मोहित सुब्रन)

Mohit Subran (मोहित सुब्रन) | We The Sukhanwar