गीत ज़िंदा रहेगा

गद्य की कोशिशें लाख तोड़ें मगर
गीत ज़िन्दा रहेगा सदा की तरह!

जन्म से मृत्यु तक की कथा गीत है
ज़िन्दगी का सगा सर्वथा गीत है
तुम इसे अन्यथा या वृथा मत कहो
आदमी की अडिग आस्था गीत है

यह मना ईसवी उत्सवों-सा कभी
तो पुजा वार्षिक प्रतिपदा की तरह!

गीत भागीरथी-सा प्रवाहित रहा
सरस्वती-सा ह्रदय में समाहित रहा
भाव-गोदावरी, अश्रु-यमुना लिए
गीत करता सभी का सदा हित रहा

सिन्धु-कावेरी तट-सा लिए शिल्प यह
कथ्य देता रहा नर्मदा की तरह!

गीत है पारिवारिक स्वजन की तरह
है सजनि के लिए यह सजन की तरह
भोर में गीत है कीर्तन-मण्डली
साँझ में गीत है प्रभु-भजन की तरह

गीत है सहचरी की कुटिल भौंह तो
है कभी प्रेमिका की अदा की तरह!
Dr. Urmilesh Shankhdhar