तुम मिरे ख़ुशगवार लम्हों में
दर्द की टीस में तुम आहों में
ज़िन्दगी की उदास राहों में
ज़ीस्त की शब में और सवेरों में
तुम मिले ख़्वाहिशों के मेलों में
साज़ में गीत में तरानों में
अनकहे अनसुने फ़सानों में
नींद में ख़्वाब में ख़यालों में
बादलों बारिशों हवाओं में
तुम मिले मुझको आसमानों में
साहिलों कश्तियों किनारों पर
दश्त-ओ-दामन में और जज़ीरों पर
झिलमिलाते हुए सितारों पर
माह-ए-नव की हसीन शामों में
तुम मिले मुझको कहकशाओं में
Aliem U khan