Sanjaya Chaturvedi

किसी से कुछ लिया तो कुछ हमारा रख लिया उसने
हमें चुप्पी सिखा दी और सारा रख लिया उसने

हमें दी मुफ़्त में कश्ती हमें पतवार भी बाँटी
समंदर क़र्ज़ में देकर किनारा रख लिया उसने

अँधेरे के शेयर के फ़ायदे सबको गिनाता था
अमावस बेच दी सबको सितारा रख लिया उसने

सियासत सीखकर आया है जादूगर विलायत से
नज़र तो बख़्श दी सबको नज़ारा रख लिया उसने

सियासत से लड़ा वो उम्र भर फिर यूँ हुआ इक दिन
शहादत हमको दे दी और नारा रख लिया उसने

दिया बचपन, जवानी दी, मगर रिश्तों के बदले में
बुढ़ापा भी दिया लेकिन सहारा रख लिया उसने
Sanjaya Chaturvedi

Sanjaya Chaturvedi | We The Sukhanwar