न ख़ैरियत, न अलम और, न हाल पूछेंगे
अग़र मिले, तो फ़क़त इक सवाल पूछेंगे
ख़याल अपना बताएंगे, तेरे बारे में
और अपने बारे में, तेरा ख़याल पूछेंगे
सवाल जो न कभी पूछ पाए हैं, हम तुम
वो कल को आते हुए नौनिहाल, पूछेंगे
अभी तो ग़ैर का साया, तुम्हारे ऊपर है
तुम्हारा फ़ैसला, हम अगले साल पूछेंगे
Aanchal Saxena