Mohit Subran (मोहित सुब्रन)

सफ़र कैसे कटा उन रास्तों को कौन गिनता है
तुम्हारे सर पे बीते हादसों को कौन गिनता है

सभी रखते हैं गिन के उँगलियों पर कामयाबी को
उठाई हैं जो तुमने मुश्किलों को कौन गिनता है
Mohit Subran (मोहित सुब्रन)

Mohit Subran (मोहित सुब्रन) | We The Sukhanwar