Shashank Singh Thakur "SAAHIL"

होके मिसमार गिरने वाली है
दिल की दीवार गिरने वाली है

झुर्रियां पड़ रही है चेहरे पर
दिल की सरकार गिरने वाली है

अब तो आ जाओ की मेरी ये आँख
होके बीमार गिरने वाली है

हम मुहब्बत में झुक गए यानी
सर से दस्तार गिरने वाली है

दिल के ज़ीने से याद-ए-जानाँ फिर
बन के लाचार गिरने वाली है

इक परी-रू हमारी बाँहों में
करके सिंगार गिरने वाली है

अब कबूतर यहाँ नहीं आते
अब ये मीनार गिरने वाली है

इक तजल्ली तुम्हारे "साहिल" पर
इसी इतवार गिरने वाली है
Shashank Singh Thakur "SAAHIL"

Shashank Singh Thakur "SAAHIL" | We The Sukhanwar