शोभित शिव चंद्र भाल माथे त्रिपुण्ड लाल कानन में द्रोण माल सर्प शिरोधारी हैं
जटाजूट गंगाधर तृतीय नेत्र मस्तक पर कालकूट कंठेश्वर रूप अर्धनारी हैं
डमडमात् डमरू जब तमतमात् रूद्रेश्वर छमछमात् तांडव नट नृत्य के पुजारी हैं
देवन में सर्वोपर महादेव शिवशंकर कैलाश पर्वत पर बैठे त्रिपुरारी हैं
Deepanshu dubey