Rajesh Jaiswara

कितनी हसीन शाम है साक़ी शराब ला
ये इश्क़ बेलगाम है साक़ी शराब ला

क़ीमत तुम्हारी क्या है ज़रा मह-जबीं सुनो
हर शय तेरा ग़ुलाम है साक़ी शराब ला

आए हैं तेरी बज़्म में जो भी रक़ीब हैं
उनका भी एहतिराम है साक़ी शराब ला

लो आ गए हैं आपके जलसे में हम मगर
ये कैसा एहतिमाम है साक़ी शराब ला

दुनिया ने मुझसे तोड़ लिया जब से राब्ता
इक तू ही हम-कलाम है साक़ी शराब ला

धोखा मिला है प्यार में अक्सर ही दोस्तों
दिलकश बड़ा पयाम है साक़ी शराब ला

अब बात 'राज' मान ले फ़ानी जहान में
कुछ रोज का क़याम है साक़ी शराब ला
Rajesh Jaiswara

Rajesh Jaiswara | We The Sukhanwar