Nivedan Mishra

मेरी आँखों ने कहा मेरे ख़िलाफ़
बोलता है आईना मेरे ख़िलाफ़

मेरा मुंसिफ़ लिख रहा है आजकल
मेरे हक़ में फ़ैसला मेरे ख़िलाफ़

साथ दुनिया थी खड़ी हर झूठ में
इक अकेला मैं खड़ा मेरे ख़िलाफ़

पढ़ रही है ज़िंदगी तकदीर का
फ़ैसला लिक्खा हुआ मेरे ख़िलाफ़

चाहे जो अंजाम हो परवा नहीं
मैं यकीनन बोलता मेरे ख़िलाफ़
Nivedan Mishra

Nivedan Mishra | We The Sukhanwar