नींद के सर थकान रखते हुए
सो गए साहिबान रखते हुए
एक हथेली पे दान रखते हुए
रख दिया इश्क़ जान रखते हुए
रख दिया आब-दान रखते हुए
आँख में ख़्वाब-दान रखते हुए
चुप रहे लोग बोलने की जगह
अपने मुँह में ज़बान रखते हुए
देखिए छू के हो गए पत्थर
लोग पत्थर का ध्यान रखते हुए
पाँव रक्खे ज़मीन पर अपने
आँख में आसमान रखते हुए
Nivedan Mishra