बंजारा हूँ , एक ठिकाना मुश्किल है ,एक जगह पर पैर ज़माना, मुश्किल है।मैं सूरज को हाथ में लेकर बैठा हूं,अंधेरों का यहां ठिकाना, मुश्किल है।शुभम तिवारी