जो हूँ जैसा भी हूँ तू निभा ले मुझे।
गर न आए यक़ीं, आज़मा ले मुझे।
बेरुख़ी न तेरी मार डाले मुझे।
आ मेरी जाँ! गले से लगा ले मुझे।
मेरी उम्मीद है, मेरा अरमाँ है तू
मेरे ख़्वाबों का रंगीं गुलिस्ताँ है तू
मेरा दिल भी है तू और मेरी जाँ है तू
किसलिए मेरी चाहत पे हैराँ है तू
जाने-जाँ, तू भी अपना बना ले मुझे।
आ मेरी जाँ! गले से लगा ले मुझे
तेरे जैसा कोई ख़ूबसूरत नहीं
तेरे रहते किसी की ज़रूरत नहीं
और कोई भी तुझसे शिकायत नहीं
पर न कहना कि मुझसे मोहब्बत नहीं
पास आ, धड़कनों में बसा ले मुझे।
आ मेरी जाँ! गले से लगा ले मुझे।
तेरा अंदाज़-ए-नादीदा अंदाज़ है
रूह को दे सुकूँ, तू वो दमसाज़ है
तेरी हर इक अदा पर मुझे नाज़ है
सबसे दिलकश यहाँ तेरी आवाज़ है
प्यार से "प्यार" कहके बुला ले मुझे।
आ मेरी जाँ! गले से लगा ले मुझे।
जान ले लूँ तेरा दिल दुखाए अगर
मार डालूँ ज़रा भी सताए अगर
फूँक डालूँ कोई दिल जलाए अगर
नोच लूँ आँख तुझको रुलाए अगर
कर ज़रा तू जो दर्द-आशना ले मुझे।
आ मेरी जाँ! गले से लगा ले मुझे।
आख़िरी बात कहता हूँ करना यक़ीं
है फ़िदा तुझपे रहबर का क़ल्ब-ए-हज़ीं
छान डाला फ़लक, छान डाली ज़मीं
कोई तुझ-सा तो हमदर्द है ही नहीं
जो ग़म-ए-ज़िंदगी से छुड़ा ले मुझे।
आ मेरी जाँ! गले से लगा ले मुझे।
Ejaz Rahbar