Ejaz Rahbar

अगर आप गेसू खुले छोड़ देंगे
मोहब्बत के बीमार दम तोड़ देंगे

नज़र ही कभी जो मिला लेंगे हम से
तो हम दिल से दिल की कड़ी जोड़ देंगे

मुहब्बत की कश्ती के वो नाख़ुदा हैं
यकीं है कि तूफाँ का रुख़ मोड़ देंगे

कसम तर्क-ए-उल्फ़त की हमको न दीजे
कसम है ख़ुदा की कसम तोड़ देंगे
Ejaz Rahbar

Ejaz Rahbar | We The Sukhanwar