अगर आप गेसू खुले छोड़ देंगे
मोहब्बत के बीमार दम तोड़ देंगे
नज़र ही कभी जो मिला लेंगे हम से
तो हम दिल से दिल की कड़ी जोड़ देंगे
मुहब्बत की कश्ती के वो नाख़ुदा हैं
यकीं है कि तूफाँ का रुख़ मोड़ देंगे
कसम तर्क-ए-उल्फ़त की हमको न दीजे
कसम है ख़ुदा की कसम तोड़ देंगे
Ejaz Rahbar