किसी याद को दिल का मेहमाँ किया है
सो घर भर में हमने चराग़ाँ किया है
मेरा दिल था इक ख़ूबसूरत हवेली
तेरी बेवफ़ाई ने वीराँ किया है
जो इक काम बस में नहीं था किसी के
दुआओं ने वो काम आसाँ किया है
कोई हम चराग़ों से पूछे किसी दिन
हवाओं ने कितना परेशाँ किया है
ख़िज़ाँ के हवाले मुझे करके 'सोनम'
सितमगर ने जश्न-ए-बहाराँ किया है
Sonia aks