Gyan Prakash Akul

एक बात कहनी है जान लो ये अच्छे से
शोर कम नहीं होगा कान बंद करने से

उसने सिर्फ माँगा था एक सूत्र मंगल का
कस दिया गला उसका उसके ही दुपट्टे से

सूलियाँ सजी हैं क्यों जुर्म क्या हुआ आख़िर
तितलियों-सी लड़की से फूल जैसे लड़के से

प्यार मत करो लेकिन साथ तो रहो मेरे
प्यार हो ही जायेगा साथ-साथ चलने से

क़ैद में फँसी चिड़िया क्या करे कहाँ जाये
बात करती रहती है पास रखे गमले से
Gyan Prakash Akul

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