Manoj Sharma

ग़ज़ल से नाम हो जाएगा धंधा हो नहीं सकता
कि जैसा चाहते हो ठीक वैसा हो नहीं सकता

ज़रूरी है नहीं भेदी हो बाहर का कोई चंदन
विभीषन हो नहीं कलयुग में ऐसा हो नहीं सकता
Manoj Sharma

Manoj Sharma | We The Sukhanwar