Pushpendra Panchal

लगे लगता रहे बेशक बुरा तुमको
सुनो कहता हूं अब मैं बेवफ़ा तुमको

ख़ुदा की मैं इबादत छोड़ बैठा था
समझता था कभी मैं देवता तुमको

मुहब्बत में उदासी हिज़्र आँसू ग़म
बचा ही क्या नहीं है जो मिला तुमको

हमें खोकर तुम्हें अफ़सोस होगा जब
नहीं हम सा मिलेगा दूसरा तुमको

बताओ क्या लिखूं अब इम्तिहानों में
किताबें छोड़कर मैंने पढ़ा तुमको

अगर तुमसे भी बेहतर मिल गया कोई
मकाम–ए–दिल से तब देंगे हटा तुमको

अगर सर पे न जिम्मेदारियां होतीं
भला क्या चीज़ हो तुम देखता तुमको
Pushpendra Panchal

Pushpendra Panchal | We The Sukhanwar