ख़ामोशियाँ भरम हैं गुफ़्तगू फ़ुज़ूल है
मतलब जो दरमियाँ है रू-ब-रू फ़ुज़ूल है
कुछ भी नहीं है जिसका कोई भी सबब नहीं
इक लफ्ज़ फ़ालतू है फ़ालतू फ़ुज़ूल है
महशर पे कोई पूछे गर कि ज़िंदगी है क्या
कहना इक आरज़ू जो आरज़ू फ़ुज़ूल है
मुझको किसी के दुःख से कोई दुःख न हो सका
यानी मेरी नज़र को आब-जू फ़ुज़ूल है
तोहमत सही फ़राग़तों की हमने आख़िरश
हमको पता चला ये हा-ओ-हू फ़ुज़ूल है
सो मान ही लिया मुख़ालफ़त किए बग़ैर
तुमने जो कह दिया मुझे कि तू फ़ुज़ूल है
किरदार इश्क़ का अगर न दास्ताँ में हो
फिर कैसी दास्तान? आक थू! फ़ुज़ूल है
Kanupriya