Anil Manav

साथ लेकर यहाँ से कोई भी क्या जाएगा
एक दिन आदमी दुनिया से चला जायेगा

हुस्न इक आग है इस आग से मत खेल कभी
तेरे एहसास को ज़िंदा ही जला जाएगा

लोग विश्वास के काबिल नहीं है दुनिया में
लेके विश्वास में विश्वास छला जाएगा

नफ़रतें, नफ़रतों को ख़त्म नहीं कर सकती
ज़ख़्म से कोई भी क्या ज़ख़्म भरा जाएगा

मेरे भाई न जुदा होना कभी तुम मुझसे
ग़म जुदाई का न इक रोज़ सहा जाएगा

एक विश्वास ही विश्वास का क़ातिल निकला
कैसे विश्वास को विश्वास कहा जायेगा
Anil Manav

Anil Manav | We The Sukhanwar