तुमको सदा गाना पड़ेगा

गीत में तुमको सदा गाना पड़ेगा
अब हमें भी स्वर्ग तक जाना पड़ेगा


नेह के जिन बंधनों में हम फंसे थे
अब उन्ही के अर्थ सब खोने पड़ेंगे
आंसुओं के इस समंदर में रंगीले
स्वप्न रूपी पाप सब धोने पड़ेंगे
गेरुवे परिधान में लिपटे हुए जो
प्रेम के कुछ काव्य देते हैं सफ़ाई
हम तो कवि की कल्पना के तीर हैं बस
सार सुखमय अंत के ढोने पड़ेंगे

मन का चातक तो सदा प्यासा रहा है
श्याम घन को देर तक छाना पड़ेगा


रूढ़ियों में हैं दबी कुछ भावनाएं
एक हम ही तोड़ते हैं वर्जनाएं
आपदा को जो प्रबंधित कर सकेंगे
आ रहीं हैं फिर उन्ही पर आपदाएँ
भाग्य के घर में ढिंढोरा पिट चुका है
एक हम ही पीर के ग्राहक बड़े हैं
बांट पर चुम्बक लगाकर तोलती है
ये नियति देती है जब- जब वेदनाएँ


कामना में फिर सिया के स्वर्ण मृग है
राम को फिर खोजकर लाना पड़ेगा
देवकी नन्दन मिश्र 'देव्यन'

तुमको सदा गाना पड़ेगा | We The Sukhanwar