मैं नहीं कर पाया वो कर भी गया
यूँ ही इक वादा था वो मर भी गया
दिल तो सीने में कभी था ही नहीं
आपको देखा तो पत्थर भी गया
सब नज़र आने लगा है साफ़-साफ़
आँख से धुंधला-सा मंज़र भी गया
रास्ते में उलझनें ऐसी हुईं
मैं भटककर एक दिन घर भी गया
आपने शायद उसे देखा नहीं
वो हसीं लम्हा तो आकर भी गया
दिल का ख़ालीपन यूँ ही क़ायम रहा
आँख का तालाब तो भर भी गया
Amulya Mishra