BHARAT DEEP MATHUR

सब-कुछ तो इसमें वा है इसे शाइरी न बोल
केवल बयानिया है इसे शाइरी न बोल

बेशक़ तेरा ख़याल बड़ा बेमिसाल है
लेकिन ये इल्तिजा है इसे शाइरी न बोल

बह्र-ओ-रदीफ़-ओ-क़ाफ़िया होने के बा-वजूद
ये चीज़ बे-मज़ा है इसे शाइरी न बोल

ऊला में जितने रुक्न हैं कम सब का इंतज़ाम
सानी ने कर रखा है इसे शाइरी न बोल

हलचल न कर सके जो मेरे दिल के इर्द-गिर्द
दिल मुझसे बोलता है इसे शाइरी न बोल

तख़लीक़ है तेरी सो जो जी आए कह इसे
लेकिन ये मश्वरा है इसे शाइरी न बोल
BHARAT DEEP MATHUR

BHARAT DEEP MATHUR | We The Sukhanwar