बहारें, फूल, तितली और मोहब्बत से भरी दुनिया
बला की ख़ूबसूरत है हमारे ख़्वाब की दुनिया
किसी दिन सूख ही जाएंगे मेरी आँख के आँसू
किसी दिन तिश्नगी से आप ही मर जाएगी दुनिया
परिंदे! छोड़कर तो जा रहे हो तुम शजर लेकिन
अमाँ तुम ढूँढ़ मत लेना कफ़स जैसी कोई दुनिया
मुसलसल ताकता रहता हूँ शब-भर चाँद-तारों को
फ़लक पे ढूँढता रहता हूँ कोई दूसरी दुनिया
ख़ुदा हर जंग में वो यार बस दे दे मेरी जानिब
भले फिर सामने रख दे तेरी बाक़ी बची दुनिया
Ayush