ख़ुद दिल में रहके आँख से पर्दा करे कोई
हाँ लुत्फ़ जब है पाके भी ढूँढ़ा करे कोई
तुमने तो हुक्म-ए-तर्क-ए-तमन्ना सुना दिया
किस दिल से आह तर्क-ए-तमन्ना करे कोई
दुनिया लरज़ गई दिल-ए-हिरमाँ-नसीब की
इस तरह साज़-ए-ऐश न छेड़ा करे कोई
मुझको ये आरज़ू वो उठाएँ नक़ाब ख़ुद
उनको ये इंतिज़ार तक़ाज़ा करे कोई
रंगीनी-ए-नक़ाब में गुम हो गई नज़र
क्या बे-हिजाबियों का तक़ाज़ा करे कोई
या तो किसी को जुरअत-ए-दीदार ही न हो
या फिर मिरी निगाह से देखा करे कोई
होती है इसमें हुस्न की तौहीन ऐ 'मजाज़'
इतना न अहल-ए-इश्क़ को रुस्वा करे कोई
Asrar-Ul-Haq Majaz
ख़ुद दिल में रहके आँख से पर्दा करे कोई
हाँ लुत्फ़ जब है पाके भी ढूँढ़ा करे कोई
तुमने तो हुक्म-ए-तर्क-ए-तमन्ना सुना दिया
किस दिल से आह तर्क-ए-तमन्ना करे कोई
दुनिया लरज़ गई दिल-ए-हिरमाँ-नसीब की
इस तरह साज़-ए-ऐश न छेड़ा करे कोई
मुझको ये आरज़ू वो उठाएँ नक़ाब ख़ुद
उनको ये इंतिज़ार तक़ाज़ा करे कोई
रंगीनी-ए-नक़ाब में गुम हो गई नज़र
क्या बे-हिजाबियों का तक़ाज़ा करे कोई
या तो किसी को जुरअत-ए-दीदार ही न हो
या फिर मिरी निगाह से देखा करे कोई
होती है इसमें हुस्न की तौहीन ऐ 'मजाज़'
इतना न अहल-ए-इश्क़ को रुस्वा करे कोई
Asrar-Ul-Haq Majaz
خود دل میں رہ کے آنکھ سے پردہ کرے کوئی
ہاں لطف جب ہے پا کے بھی ڈھونڈا کرے کوئی
تم نے تو حکمِ ترکِ تمنا سنا دیا
کس دل سے آہ ترکِ تمنا کرے کوئی
دنیا لرز گئی دلِ حرماں نصیب کی
اس طرح سازِ عیش نہ چھیڑا کرے کوئی
مجھ کو یہ آرزو وہ اٹھائیں نقاب خود
ان کو یہ انتظار تقاضا کرے کوئی
رنگینیِ نقاب میں گم ہو گئی نظر
کیا بے حجابیوں کا تقاضا کرے کوئی
یا تو کسی کو جرأتِ دیدار ہی نہ ہو
یا پھر مری نگاہ سے دیکھا کرے کوئی
ہوتی ہے اس میں حسن کی توہین اے 'مجاز'
اتنا نہ اہلِ عشق کو رسوا کرے کوئی
Asrar-Ul-Haq Majaz